🔥 पित्त दोष (Pitta Dosha)

तत्व (Elements)

अग्नि (Fire) और जल (Water)

गुण (Qualities)

  • गर्म (**Hot**)
  • तीखा (**Sharp**)
  • तरल (**Liquid**)
  • हल्का (**Light**)
  • तैलीय (**Oily**)

🔬 शरीर में कार्य (Functions in the Body)

पित्त सभी **पाचन, चयापचय (Metabolism)** और **परिवर्तन** का नियंत्रण करता है। इसके मुख्य कार्य हैं:

⚠️ असंतुलन (Imbalance)

पित्त बढ़ने पर होने वाली समस्याएँ:

⚖️ पित्त को संतुलित करने के उपाय (Balancing Pitta)

कारक (Factor) पालन करें (To Balance) टालें (To Avoid)
**स्वाद (Taste)** मीठा (**Sweet**), कड़वा (**Bitter**), कसैला (**Astringent**) तीखा (**Pungent**), खट्टा (**Sour**), नमकीन (**Salty**)
**आहार (Diet)** ठंडा, सूखा (रूखा), भारी। घी (पित्त कम करने के लिए), मीठे फल, खीरा, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, धनिया। गर्म मसाले (मिर्च, काली मिर्च), तला हुआ भोजन, कॉफी, टमाटर, खट्टे फल, शराब।
**जीवनशैली (Lifestyle)** ठंडे स्थान, सुबह और शाम की सैर, खेल-कूद, गाय का घी खाना। प्रतिस्पर्धा और गर्मी से बचें। शांत रहने के लिए योग और ध्यान। तेज धूप में रहना, अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, उपवास, गर्म पानी से नहाना।

निष्कर्ष: आयुर्वेद के अनुसार, इन दोषों को संतुलित करने का सर्वोत्तम तरीका आपकी **प्रकृति (जन्मजात दोष)** को जानकर, उसके विपरीत गुणों वाले आहार, जीवनशैली और जड़ी-बूटियों का प्रयोग करना है।