अग्नि (Fire) और जल (Water)
पित्त सभी **पाचन, चयापचय (Metabolism)** और **परिवर्तन** का नियंत्रण करता है। इसके मुख्य कार्य हैं:
पित्त बढ़ने पर होने वाली समस्याएँ:
| कारक (Factor) | पालन करें (To Balance) | टालें (To Avoid) |
|---|---|---|
| **स्वाद (Taste)** | मीठा (**Sweet**), कड़वा (**Bitter**), कसैला (**Astringent**) | तीखा (**Pungent**), खट्टा (**Sour**), नमकीन (**Salty**) |
| **आहार (Diet)** | ठंडा, सूखा (रूखा), भारी। घी (पित्त कम करने के लिए), मीठे फल, खीरा, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, धनिया। | गर्म मसाले (मिर्च, काली मिर्च), तला हुआ भोजन, कॉफी, टमाटर, खट्टे फल, शराब। |
| **जीवनशैली (Lifestyle)** | ठंडे स्थान, सुबह और शाम की सैर, खेल-कूद, गाय का घी खाना। प्रतिस्पर्धा और गर्मी से बचें। शांत रहने के लिए योग और ध्यान। | तेज धूप में रहना, अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, उपवास, गर्म पानी से नहाना। |
निष्कर्ष: आयुर्वेद के अनुसार, इन दोषों को संतुलित करने का सर्वोत्तम तरीका आपकी **प्रकृति (जन्मजात दोष)** को जानकर, उसके विपरीत गुणों वाले आहार, जीवनशैली और जड़ी-बूटियों का प्रयोग करना है।